बिस खा कर उसे पचाना तो चाहिए। वह सतजुग की बात थी, सतजुग के साथ गई। अब तो अपना निबाह बिरादरी के साथ मिल कर रहने में है, मगर करूँ क्या, कोई लड़की वाला आता ही नहीं। तुमसे भी कहा औरों से भी कहा कोई नहीं सुनता तो मैं क्या लड़की बनाऊँ?'
झिंगुरीसिंह ने डाँटा - झूठ मत बोलो पंडित, मैं दो आदमियों को फाँस-फूँस कर लाया, मगर तुम मुँह फैलाने लगे, तो दोनों कान खड़े करके निकल भागे। आखिर किस बिरते पर हजार-पाँच सौ माँगते हो तुम? दस बीघे खेत और भीख के सिवा तुम्हारे पास और है क्या?
बिस खा कर उसे पचाना तो चाहिए। वह सतजुग की बात थी, सतजुग के साथ गई। अब तो अपना निबाह बिरादरी के साथ मिल कर रहने में है, मगर करूँ क्या, कोई लड़की वाला आता ही नहीं। तुमसे भी कहा औरों से भी कहा कोई नहीं सुनता तो मैं क्या लड़की बनाऊँ?'
झिंगुरीसिंह ने डाँटा - झूठ मत बोलो पंडित, मैं दो आदमियों को फाँस-फूँस कर लाया, मगर तुम मुँह फैलाने लगे, तो दोनों कान खड़े करके निकल भागे। आखिर किस बिरते पर हजार-पाँच सौ माँगते हो तुम? दस बीघे खेत और भीख के सिवा तुम्हारे पास और है क्या?