गोदान - Godan

विभूति पा कर क्यों न उसका दिमाग आसमान पर चढ़े? बोला - भोला ऐसा भलामानस नहीं है महाराज! नगद गिनाए, पूरे चौकस।

अपने महाजन के सामने यह डींग मार कर होरी ने नादानी तो की थी, पर दातादीन के मुख पर असंतोष का कोई चिह्न न दिखाई दिया। इस कथन में कितना सत्य है, यह उनकी उन बुझी आँखों से छिपा न रह सका, जिनमें ज्योति की जगह अनुभव छिपा बैठा था।

प्रसन्न हो कर बोले - कोई हरज नहीं बेटा, कोई हरज नहीं। भगवान सब कल्याण करेंगे। पाँच सेर दूध है इसमें, बच्चे के लिए छोड़ कर।


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विभूति पा कर क्यों न उसका दिमाग आसमान पर चढ़े? बोला - भोला ऐसा भलामानस नहीं है महाराज! नगद गिनाए, पूरे चौकस।

अपने महाजन के सामने यह डींग मार कर होरी ने नादानी तो की थी, पर दातादीन के मुख पर असंतोष का कोई चिह्न न दिखाई दिया। इस कथन में कितना सत्य है, यह उनकी उन बुझी आँखों से छिपा न रह सका, जिनमें ज्योति की जगह अनुभव छिपा बैठा था।

प्रसन्न हो कर बोले - कोई हरज नहीं बेटा, कोई हरज नहीं। भगवान सब कल्याण करेंगे। पाँच सेर दूध है इसमें, बच्चे के लिए छोड़ कर।


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