उधार लाना था, कुछ मुँह देखी कहेगी, कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।
होरी ने रूपा को बुला कर प्यार से गोद में बैठाया और कहा - जरा जा कर देख, हीरा काका आ गए कि नहीं। सोभा काका को भी देखती आना। कहना, दादा ने तुम्हें बुलाया है। न आएँ, हाथ पकड़ कर खींच लाना।
रूपा ठुनक कर बोली - छोटी काकी मुझे डाँटती है।
'काकी के पास क्या करने जायगी! फिर सोभा-बहू तो तुझे प्यार करती है?'
'सोभा काका मुझे चिढ़ाते हैं? मैं न कहूँगी।'
उधार लाना था, कुछ मुँह देखी कहेगी, कुछ लल्लो-चप्पो करेगी, तभी तो तेल उधार मिलेगा।
होरी ने रूपा को बुला कर प्यार से गोद में बैठाया और कहा - जरा जा कर देख, हीरा काका आ गए कि नहीं। सोभा काका को भी देखती आना। कहना, दादा ने तुम्हें बुलाया है। न आएँ, हाथ पकड़ कर खींच लाना।
रूपा ठुनक कर बोली - छोटी काकी मुझे डाँटती है।
'काकी के पास क्या करने जायगी! फिर सोभा-बहू तो तुझे प्यार करती है?'
'सोभा काका मुझे चिढ़ाते हैं? मैं न कहूँगी।'