'क्या कहते हैं, बता?'
'चिढ़ाते हैं।'
'क्या कह कर चिढ़ाते हैं?'
'कहते हैं, तेरे लिए मूस पकड़ रखा है। ले जा, भून कर खा ले।'
होरी के अंतस्तल में गुदगुदी हुई।
'तू कहती नहीं, पहले तुम खा लो, तो मैं खाऊँगी।'
'अम्माँ मने करती हैं। कहती हैं, उन लोगों के घर न जाया करो।'
'तू अम्माँ की बेटी है कि दादा की?'
रूपा ने उसके गले में हाथ डाल कर कहा - अम्माँ की और हँसने लगी।
'तो फिर मेरी गोद से उतर जा। आज मैं तुझे अपने थाली में न खिलाऊँगा।'
'क्या कहते हैं, बता?'
'चिढ़ाते हैं।'
'क्या कह कर चिढ़ाते हैं?'
'कहते हैं, तेरे लिए मूस पकड़ रखा है। ले जा, भून कर खा ले।'
होरी के अंतस्तल में गुदगुदी हुई।
'तू कहती नहीं, पहले तुम खा लो, तो मैं खाऊँगी।'
'अम्माँ मने करती हैं। कहती हैं, उन लोगों के घर न जाया करो।'
'तू अम्माँ की बेटी है कि दादा की?'
रूपा ने उसके गले में हाथ डाल कर कहा - अम्माँ की और हँसने लगी।
'तो फिर मेरी गोद से उतर जा। आज मैं तुझे अपने थाली में न खिलाऊँगा।'