गोदान - Godan

मुझसे कहा भी नहीं कि लौट जाओ।

यह कह कर वह लौट पड़ी।

गोबर ने आग्रह करके कहा - एक छन के लिए मेरे घर क्यों नहीं चली चलती? अम्माँ भी तो देख लें।

झुनिया ने लज्जा से आँखें चुरा कर कहा - तुम्हारे घर यों न जाऊँगी। मुझे तो यही अचरज होता है कि मैं इतनी दूर कैसे आ गई। अच्छा बताओ, अब कब आओगे? रात को मेरे द्वार पर अच्छी संगत होगी। चले आना, मैं अपने पिछवाड़े मिलूँगी।

'और जो न मिली?'

'तो लौट जाना।'

'तो फिर मैं न आऊँगा।'


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मुझसे कहा भी नहीं कि लौट जाओ।

यह कह कर वह लौट पड़ी।

गोबर ने आग्रह करके कहा - एक छन के लिए मेरे घर क्यों नहीं चली चलती? अम्माँ भी तो देख लें।

झुनिया ने लज्जा से आँखें चुरा कर कहा - तुम्हारे घर यों न जाऊँगी। मुझे तो यही अचरज होता है कि मैं इतनी दूर कैसे आ गई। अच्छा बताओ, अब कब आओगे? रात को मेरे द्वार पर अच्छी संगत होगी। चले आना, मैं अपने पिछवाड़े मिलूँगी।

'और जो न मिली?'

'तो लौट जाना।'

'तो फिर मैं न आऊँगा।'


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