का सत्य कहते हैं। और इसकी ऐसी सुंदर व्याख्या करते हैं कि मन मुग्ध हो जाता है।'
'मिस मालती को उनसे मिलाया या नहीं?'
'आप भी दिल्लगी करते हैं। मालती को भला इनसे क्या मिलाता?'
वाक्य पूरा न हुआ था कि सामने झाड़ी में सरसराहट की आवाज सुन कर चौंक पड़े और प्राण-रक्षा की प्रेरणा से रायसाहब के पीछे आ गए। झाड़ी में से एक तेंदुआ निकला और मंद गति से सामने की ओर चला।
रायसाहब ने बंदूक उठाई और निशाना बाँधना चाहते थे कि खन्ना ने
का सत्य कहते हैं। और इसकी ऐसी सुंदर व्याख्या करते हैं कि मन मुग्ध हो जाता है।'
'मिस मालती को उनसे मिलाया या नहीं?'
'आप भी दिल्लगी करते हैं। मालती को भला इनसे क्या मिलाता?'
वाक्य पूरा न हुआ था कि सामने झाड़ी में सरसराहट की आवाज सुन कर चौंक पड़े और प्राण-रक्षा की प्रेरणा से रायसाहब के पीछे आ गए। झाड़ी में से एक तेंदुआ निकला और मंद गति से सामने की ओर चला।
रायसाहब ने बंदूक उठाई और निशाना बाँधना चाहते थे कि खन्ना ने