'आप मुझे कृपा करके कार के पास पहुँचा दीजिए, फिर चाहे तेंदुए का शिकार कीजिए या चीते का।'
'आप बड़े डरपोक हैं मिस्टर खन्ना, सच।'
'व्यर्थ में अपने जान खतरे में डालना बहादुरी नहीं है!'
'अच्छा तो आप खुशी से लौट सकते हैं।'
'अकेला?'
'रास्ता बिलकुल साफ है।'
'जी नहीं। आपको मेरे साथ चलना पड़ेगा।'
रायसाहब ने बहुत समझाया, मगर खन्ना ने एक न मानी। मारे भय के उनका चेहरा पीला पड़ गया था। उस वक्त अगर झाड़ी में से एक गिलहरी भी निकल आती,
'आप मुझे कृपा करके कार के पास पहुँचा दीजिए, फिर चाहे तेंदुए का शिकार कीजिए या चीते का।'
'आप बड़े डरपोक हैं मिस्टर खन्ना, सच।'
'व्यर्थ में अपने जान खतरे में डालना बहादुरी नहीं है!'
'अच्छा तो आप खुशी से लौट सकते हैं।'
'अकेला?'
'रास्ता बिलकुल साफ है।'
'जी नहीं। आपको मेरे साथ चलना पड़ेगा।'
रायसाहब ने बहुत समझाया, मगर खन्ना ने एक न मानी। मारे भय के उनका चेहरा पीला पड़ गया था। उस वक्त अगर झाड़ी में से एक गिलहरी भी निकल आती,