'चल, मैं झुनिया से पूछता हूँ न!'
दोनों मँड़ैया से निकल कर गाँव की ओर चले। होरी ने कहा - पाँच घड़ी के ऊपर रात गई होगी।
धनिया बोली - हाँ, और क्या, मगर कैसा सोता पड़ गया है! कोई चोर आए, तो सारे गाँव को मूस ले जाए।
'चोर ऐसे गाँव में नहीं आते। धनियों के घर जाते हैं।'
धनिया ने ठिठक कर होरी का हाथ पकड़ लिया और बोली - देखो, हल्ला न मचाना, नहीं सारा गाँव जाग उठेगा और बात फैल जायगी।
होरी ने कठोर स्वर में कहा - मैं यह
'चल, मैं झुनिया से पूछता हूँ न!'
दोनों मँड़ैया से निकल कर गाँव की ओर चले। होरी ने कहा - पाँच घड़ी के ऊपर रात गई होगी।
धनिया बोली - हाँ, और क्या, मगर कैसा सोता पड़ गया है! कोई चोर आए, तो सारे गाँव को मूस ले जाए।
'चोर ऐसे गाँव में नहीं आते। धनियों के घर जाते हैं।'
धनिया ने ठिठक कर होरी का हाथ पकड़ लिया और बोली - देखो, हल्ला न मचाना, नहीं सारा गाँव जाग उठेगा और बात फैल जायगी।
होरी ने कठोर स्वर में कहा - मैं यह