बैठ जाऊँगा। छोटी-छोटी उपाधियों के लिए हम पढ़-पढ़ कर आँखें फोड़ लिया करते हैं। यह तो जीवन-व्यापार की परीक्षा है।'
'अच्छी बात है, मैं भी देखूँगी, आप किस ग्रेड में पास होते हैं।'
यह कहते हुए उसने बच्चे को उनकी गोद में दे दिया। उन्होंने बच्चे को कई बार उछाला, तो वह चुप हो गया। बालकों की तरह डींग मार कर बोले - देखा आपने, कैसा मंतर के जोर से चुप कर दिया। अब मैं भी कहीं से एक बच्चा लाऊँगा।
गोविंदी ने विनोद किया - बच्चा ही लाइएगा, या उसकी माँ भी।
बैठ जाऊँगा। छोटी-छोटी उपाधियों के लिए हम पढ़-पढ़ कर आँखें फोड़ लिया करते हैं। यह तो जीवन-व्यापार की परीक्षा है।'
'अच्छी बात है, मैं भी देखूँगी, आप किस ग्रेड में पास होते हैं।'
यह कहते हुए उसने बच्चे को उनकी गोद में दे दिया। उन्होंने बच्चे को कई बार उछाला, तो वह चुप हो गया। बालकों की तरह डींग मार कर बोले - देखा आपने, कैसा मंतर के जोर से चुप कर दिया। अब मैं भी कहीं से एक बच्चा लाऊँगा।
गोविंदी ने विनोद किया - बच्चा ही लाइएगा, या उसकी माँ भी।