मेहता ने विनोद-भरी निराशा से सिर हिला कर कहा - ऐसी औरत तो कहीं मिलती ही नहीं।
'क्यों, मिस मालती नहीं हैं? सुंदरी, शिक्षिता, गुणवती, मनोहारिणी, और आप क्या चाहते हैं?'
'मिस मालती में वह एक बात नहीं है, जो मैं अपनी स्त्री में देखना चाहता हूँ।'
गोविंदी ने इस कुत्सा का आनंद लेते हुए कहा - उसमें क्या बुराई है, सुनूँ। भौंरे तो हमेशा घेरे रहते हैं। मैंने सुना है, आजकल पुरुषों को ऐसी ही औरतें पसंद आती हैं।
मेहता ने बच्चे
मेहता ने विनोद-भरी निराशा से सिर हिला कर कहा - ऐसी औरत तो कहीं मिलती ही नहीं।
'क्यों, मिस मालती नहीं हैं? सुंदरी, शिक्षिता, गुणवती, मनोहारिणी, और आप क्या चाहते हैं?'
'मिस मालती में वह एक बात नहीं है, जो मैं अपनी स्त्री में देखना चाहता हूँ।'
गोविंदी ने इस कुत्सा का आनंद लेते हुए कहा - उसमें क्या बुराई है, सुनूँ। भौंरे तो हमेशा घेरे रहते हैं। मैंने सुना है, आजकल पुरुषों को ऐसी ही औरतें पसंद आती हैं।
मेहता ने बच्चे