प्रतिज्ञा - Pratigya



पूर्णा - 'लेकिन प्रश्न तो रक्षा का है। उनकी रक्षा कौन करेगा?'

पूर्णा - 'लंपटों के मारे उनका रहना कठिन हो जाएगा।'

पूर्णा ने गंभीर भाव से कहा - 'समय आएगा, तो वह भी हो जाएगा, बहन अभी तो स्त्री की रक्षा मर्द ही करता है।'

पूर्णा - 'ये सारी बातें तभी तक हैं, जब तक पति-देव रूठे हुए हैं। अभी आ कर गले लगा लें, तो तुम पैर चूमने लगोगी।'

इतने में कहार ने आ कर कहा - 'बहू जी, बाबू जी ने रेशमी अचकन माँगी है।'

कहार ने हाथ जोड़ कर कहा - 'सरकार,


197 of 305



पूर्णा - 'लेकिन प्रश्न तो रक्षा का है। उनकी रक्षा कौन करेगा?'

पूर्णा - 'लंपटों के मारे उनका रहना कठिन हो जाएगा।'

पूर्णा ने गंभीर भाव से कहा - 'समय आएगा, तो वह भी हो जाएगा, बहन अभी तो स्त्री की रक्षा मर्द ही करता है।'

पूर्णा - 'ये सारी बातें तभी तक हैं, जब तक पति-देव रूठे हुए हैं। अभी आ कर गले लगा लें, तो तुम पैर चूमने लगोगी।'

इतने में कहार ने आ कर कहा - 'बहू जी, बाबू जी ने रेशमी अचकन माँगी है।'

कहार ने हाथ जोड़ कर कहा - 'सरकार,


197 of 305