नाम पर जो चाहे करो पर उसे अपने हृदय से नहीं निकाल सकते।'
दाननाथ ने अमरनाथ का नाम आते ही नाक सिकोड़ कर कहा - 'क्या कहना है, वाह! रट कर एक व्याख्यान दे दिया और तुम लट्टू हो गए। वह बेचारे समाज की क्या खाक व्यवस्था करेंगे? यह अच्छा सिद्धांत है कि जिसकी पहली स्त्री मर गई हो, वह विधवा से विवाह करे!'
दाननाथ - 'बस, तुम्हारे न्याय-पथ पर चलने ही से तो सारे संसार का उद्धार हो जाएगा। तुम अकेले कुछ नहीं कर सकते। हाँ, नक्कू बन सकते हो!'
नाम पर जो चाहे करो पर उसे अपने हृदय से नहीं निकाल सकते।'
दाननाथ ने अमरनाथ का नाम आते ही नाक सिकोड़ कर कहा - 'क्या कहना है, वाह! रट कर एक व्याख्यान दे दिया और तुम लट्टू हो गए। वह बेचारे समाज की क्या खाक व्यवस्था करेंगे? यह अच्छा सिद्धांत है कि जिसकी पहली स्त्री मर गई हो, वह विधवा से विवाह करे!'
दाननाथ - 'बस, तुम्हारे न्याय-पथ पर चलने ही से तो सारे संसार का उद्धार हो जाएगा। तुम अकेले कुछ नहीं कर सकते। हाँ, नक्कू बन सकते हो!'