तो यह लो...'
यदि पूर्णा एक क्षण ही धैर्य से बैठी रह सकती तो उसे अवश्य यह प्रमाण मिल जाता, पर रमणी का कातर हृदय सहम उठा। यह बात जान कर ही कमलाप्रसाद ने यह अभिनय किया था। पूर्णा ने तलवार उसके हाथ से छीन ली और बोली - 'मैं तो तुमसे कोई प्रमाण नहीं माँग रही हूँ।'
'भूल हुई, क्षमा करो।'
पूर्णा ने तलवार को म्यान में रखते हुए कहा - 'तुम इसी तलवार से मेरे जीवन का अंत कर सकते तो कितना अच्छा होता? मुझे विश्वास है कि मैं जरा भी न झिझकती, सिर झुकाए खड़ी रहती।'
तो यह लो...'
यदि पूर्णा एक क्षण ही धैर्य से बैठी रह सकती तो उसे अवश्य यह प्रमाण मिल जाता, पर रमणी का कातर हृदय सहम उठा। यह बात जान कर ही कमलाप्रसाद ने यह अभिनय किया था। पूर्णा ने तलवार उसके हाथ से छीन ली और बोली - 'मैं तो तुमसे कोई प्रमाण नहीं माँग रही हूँ।'
'भूल हुई, क्षमा करो।'
पूर्णा ने तलवार को म्यान में रखते हुए कहा - 'तुम इसी तलवार से मेरे जीवन का अंत कर सकते तो कितना अच्छा होता? मुझे विश्वास है कि मैं जरा भी न झिझकती, सिर झुकाए खड़ी रहती।'