प्रतिज्ञा - Pratigya



पूर्णा ने पान के दो बीड़े बना कर कमलाप्रसाद को देने के लिए हाथ बढ़ाया। कमलाप्रसाद ने पान ले कर कहा - 'भोजन के बाद कुछ दक्षिणा मिलनी चाहिए।'

कमलाप्रसाद पान बढ़ाता हुआ बोला - 'मेरी दक्षिणा यही है कि यही बीड़े मेरे हाथ से खा लो।'

कमलाप्रसाद ने बीड़े उसके मुँह के समीप ले जा कर कहा - 'मैं अपने हाथ से खिलाऊँगा।'

'जी नहीं, गुरू जी ने मुझे यह पाठ नहीं पढ़ाया है।'

पूर्णा ने मुँह खोल दिया और कमलाप्रसाद ने उसे पान खिला


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पूर्णा ने पान के दो बीड़े बना कर कमलाप्रसाद को देने के लिए हाथ बढ़ाया। कमलाप्रसाद ने पान ले कर कहा - 'भोजन के बाद कुछ दक्षिणा मिलनी चाहिए।'

कमलाप्रसाद पान बढ़ाता हुआ बोला - 'मेरी दक्षिणा यही है कि यही बीड़े मेरे हाथ से खा लो।'

कमलाप्रसाद ने बीड़े उसके मुँह के समीप ले जा कर कहा - 'मैं अपने हाथ से खिलाऊँगा।'

'जी नहीं, गुरू जी ने मुझे यह पाठ नहीं पढ़ाया है।'

पूर्णा ने मुँह खोल दिया और कमलाप्रसाद ने उसे पान खिला


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