प्रतिज्ञा - Pratigya

तो क्षमा करना। जलते हुए हृदय से धुएँ के सिवा और क्या निकल सकता है?'

सुमित्रा ने उसे उठा कर छाती से लगाते हुए कहा - 'मैंने तो कह दिया बहन, कि मेरा दिल तुम्हारी ओर से साफ है। बस, अब तो ऐसी युक्ति निकालनी चाहिए कि इस धूर्त से पीछा छूटे। उसे तुम्हारी ओर ताकने का भी साहस न हो। उसे तुम अबकी कुत्ते की भाँति दुत्कार दो।'

सुमित्रा ने हँस कर कहा - 'तो क्या तुम समझती हो, यह धमकी सुन कर मैं भी उसके सामने सिर झुका देती? हजार बार नहीं! मैं साफ कहती,


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तो क्षमा करना। जलते हुए हृदय से धुएँ के सिवा और क्या निकल सकता है?'

सुमित्रा ने उसे उठा कर छाती से लगाते हुए कहा - 'मैंने तो कह दिया बहन, कि मेरा दिल तुम्हारी ओर से साफ है। बस, अब तो ऐसी युक्ति निकालनी चाहिए कि इस धूर्त से पीछा छूटे। उसे तुम्हारी ओर ताकने का भी साहस न हो। उसे तुम अबकी कुत्ते की भाँति दुत्कार दो।'

सुमित्रा ने हँस कर कहा - 'तो क्या तुम समझती हो, यह धमकी सुन कर मैं भी उसके सामने सिर झुका देती? हजार बार नहीं! मैं साफ कहती,


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