प्रतिज्ञा - Pratigya



पूर्णा ने कमलाप्रसाद की ओर आग्नेय नेत्रों से देख कर कहा - 'कमलाप्रसाद बाबू मैं हाथ जोड़ कर कहती हूँ, मुझे तुम यहाँ से जाने दो, नहीं तो अच्छा न होगा। सोचो, अभी एक मिनट पहले तुम मुझसे कैसी बातें कर रहे थे? क्या तुम इतने निर्लज्ज हो कि मुझ पर बलात्कार करने के लिए भी तैयार हो? लेकिन तुम धोखे में हो। मैं अपना धर्म छोड़ने के पहले या तो अपने प्राण दे दूँगी या तुम्हारे प्राण ले लूँगी।'

यह कहते हुए कमलाप्रसाद ने एक कदम आगे


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पूर्णा ने कमलाप्रसाद की ओर आग्नेय नेत्रों से देख कर कहा - 'कमलाप्रसाद बाबू मैं हाथ जोड़ कर कहती हूँ, मुझे तुम यहाँ से जाने दो, नहीं तो अच्छा न होगा। सोचो, अभी एक मिनट पहले तुम मुझसे कैसी बातें कर रहे थे? क्या तुम इतने निर्लज्ज हो कि मुझ पर बलात्कार करने के लिए भी तैयार हो? लेकिन तुम धोखे में हो। मैं अपना धर्म छोड़ने के पहले या तो अपने प्राण दे दूँगी या तुम्हारे प्राण ले लूँगी।'

यह कहते हुए कमलाप्रसाद ने एक कदम आगे


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