प्रतिज्ञा - Pratigya

थी। लेकिन शीघ्र ही मनस्ताप को शांत करने का यह मार्ग भी उनके लिए बंद हो गया।

'सारे शहर में चर्चा हो रही है, आप कहते हैं, सुनी कहाँ?'

'इसकी वजह यही है कि आप आदमियों को पहचान नहीं सकते। मुझसे खुद उन डॉक्टर साहब ने कहा, जो कमलाप्रसाद की मरहम-पट्टी करने गए थे उन्हें कमलाप्रसाद से कोई अदावत नहीं है।'

'उन्होंने साफ कहा कि कमलाप्रसाद के मुँह और छाती में सख्त चोट आई है और एक दाँत टूट गया है।'

दाननाथ को उस वक्त तक विश्वास न आया,


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थी। लेकिन शीघ्र ही मनस्ताप को शांत करने का यह मार्ग भी उनके लिए बंद हो गया।

'सारे शहर में चर्चा हो रही है, आप कहते हैं, सुनी कहाँ?'

'इसकी वजह यही है कि आप आदमियों को पहचान नहीं सकते। मुझसे खुद उन डॉक्टर साहब ने कहा, जो कमलाप्रसाद की मरहम-पट्टी करने गए थे उन्हें कमलाप्रसाद से कोई अदावत नहीं है।'

'उन्होंने साफ कहा कि कमलाप्रसाद के मुँह और छाती में सख्त चोट आई है और एक दाँत टूट गया है।'

दाननाथ को उस वक्त तक विश्वास न आया,


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