बेहूदा, शोहदा...'
बदरीप्रसाद- 'यह पड़ा तो है, देख क्यों नहीं लेती?'
बदरीप्रसाद - 'तो देखो। अभी तो शुरू किया है। ऐसी खबर लूँगा कि बच्चा सारा शोहदापन भूल जाए।'
बदरीप्रसाद ने कड़क कर पूछा - 'फाड़ क्यों दिया। तुम कौन होती हो मेरा खत फाड़नेवाली?'
बदरीप्रसाद - 'हाँ और क्या, लड़की तो तुम्हारी है, मेरी तो कोई होती ही नहीं।'
बदरीप्रसाद - 'दुनिया योग्य वरों से खाली नहीं, एक-से-एक पड़े हुए हैं।'
बदरीप्रसाद - 'उसने अपने
बेहूदा, शोहदा...'
बदरीप्रसाद- 'यह पड़ा तो है, देख क्यों नहीं लेती?'
बदरीप्रसाद - 'तो देखो। अभी तो शुरू किया है। ऐसी खबर लूँगा कि बच्चा सारा शोहदापन भूल जाए।'
बदरीप्रसाद ने कड़क कर पूछा - 'फाड़ क्यों दिया। तुम कौन होती हो मेरा खत फाड़नेवाली?'
बदरीप्रसाद - 'हाँ और क्या, लड़की तो तुम्हारी है, मेरी तो कोई होती ही नहीं।'
बदरीप्रसाद - 'दुनिया योग्य वरों से खाली नहीं, एक-से-एक पड़े हुए हैं।'
बदरीप्रसाद - 'उसने अपने