में मसनद से टिका बैठा था। उसमें हमें कहा कि आप आराम फरमाओं और थोड़ा शरबत पियो। डरो नहीं। हमें रहने को कौन सा स्थान दिया जाए? यह प्रश्न उपिस्थत हुआ तो एक गुस्सैल नौकर बोला, ‘घोड़ों का तबेला कुछ बुरा नहीं है।’ उसकी इस बात पर नाजिम क्रोधित हुआ। परंतु इतने में दूसरे ने कहा, ‘इतना झंझट ही क्यों उठाएं, मैं इन फिरंगी कुŸाों को मार ही डालता हूं।’’ इसपर नाजिम ने डपटकर सबको चुप किया और हमें अभय वचन दिया। विद्रोहियों
में मसनद से टिका बैठा था। उसमें हमें कहा कि आप आराम फरमाओं और थोड़ा शरबत पियो। डरो नहीं। हमें रहने को कौन सा स्थान दिया जाए? यह प्रश्न उपिस्थत हुआ तो एक गुस्सैल नौकर बोला, ‘घोड़ों का तबेला कुछ बुरा नहीं है।’ उसकी इस बात पर नाजिम क्रोधित हुआ। परंतु इतने में दूसरे ने कहा, ‘इतना झंझट ही क्यों उठाएं, मैं इन फिरंगी कुŸाों को मार ही डालता हूं।’’ इसपर नाजिम ने डपटकर सबको चुप किया और हमें अभय वचन दिया। विद्रोहियों