धर्मभेद, जातिभेद, मान-सम्मान, सारे स्वदेश के लिए विलीन हो गए। एक पवित्र ध्येय के लिए न्याय-युद्ध में कूद रहे हैं, प्रत्येक को ऐसा जोश चढ़ा ािा। दस दिन के अंदर अवध प्रांत में वाजिद अली शाह का शासन लोकशक्ति ने स्वयं प्रेरणा से प्रस्थापित किया। अवध के लोगों के कल्याण के लिए मैंने वाजिद अली शाह को सिंहासन से भूमि पर गिराया, ऐसा डलहौजी ने जो कारण दिया था यह उसका कितना करारा उŸार था। जून के पहले हफ्ते के
धर्मभेद, जातिभेद, मान-सम्मान, सारे स्वदेश के लिए विलीन हो गए। एक पवित्र ध्येय के लिए न्याय-युद्ध में कूद रहे हैं, प्रत्येक को ऐसा जोश चढ़ा ािा। दस दिन के अंदर अवध प्रांत में वाजिद अली शाह का शासन लोकशक्ति ने स्वयं प्रेरणा से प्रस्थापित किया। अवध के लोगों के कल्याण के लिए मैंने वाजिद अली शाह को सिंहासन से भूमि पर गिराया, ऐसा डलहौजी ने जो कारण दिया था यह उसका कितना करारा उŸार था। जून के पहले हफ्ते के