1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar



जून की 10 तारीख तक अवध प्रांत के स्वतंत्र होते ही उस जिले में स्थान-स्थान पर स्थित सारे लड़ाके लोग और लश्कर के सिपाही लखनऊ की ओर बढ़ चले।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 214

लखनऊ शहर में अंगे्रजों का धुरंधर अधिकारी हेनरी लाॅरेंस मृत्यु की ओर बढ़ रह ब्रिटिश् सŸाा में चैतन्य भरने का प्रयास गन से कर रहा था। सारा प्रदेश हाथ से निकल गया, तब भी राजधानी पर उसने अपना नियंत्रण ढीला नहीं होने दिया था। उसे विद्रोह


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जून की 10 तारीख तक अवध प्रांत के स्वतंत्र होते ही उस जिले में स्थान-स्थान पर स्थित सारे लड़ाके लोग और लश्कर के सिपाही लखनऊ की ओर बढ़ चले।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 214

लखनऊ शहर में अंगे्रजों का धुरंधर अधिकारी हेनरी लाॅरेंस मृत्यु की ओर बढ़ रह ब्रिटिश् सŸाा में चैतन्य भरने का प्रयास गन से कर रहा था। सारा प्रदेश हाथ से निकल गया, तब भी राजधानी पर उसने अपना नियंत्रण ढीला नहीं होने दिया था। उसे विद्रोह


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