की गंध बहुत दूर से बहुत पहले ही आ जाने के कारण उसने राजधानी के मच्छी भवन और रेजिडेंसी-ये दो स्थान हर तरह से मजबूत कर लश्करी शक्ति से पूर्ण कर लिये थे, यह पहले ही कहा है। लखनऊ की नेटिव सेना 31 मई को विद्रोह कर निकल जाने के बाद उसने सिख लोगों की एक उŸाम रेजिमेंट तैयार की और पक्के राजनिष्ठ नेटिव लोगों को लेकर एक और रेजिमेंट बनाई। इसके अतिरिक्त नेटिव लश्कर के जो-जो भाग अभी तक राजनिष्ठ बचे हुए थे वे सारे
की गंध बहुत दूर से बहुत पहले ही आ जाने के कारण उसने राजधानी के मच्छी भवन और रेजिडेंसी-ये दो स्थान हर तरह से मजबूत कर लश्करी शक्ति से पूर्ण कर लिये थे, यह पहले ही कहा है। लखनऊ की नेटिव सेना 31 मई को विद्रोह कर निकल जाने के बाद उसने सिख लोगों की एक उŸाम रेजिमेंट तैयार की और पक्के राजनिष्ठ नेटिव लोगों को लेकर एक और रेजिमेंट बनाई। इसके अतिरिक्त नेटिव लश्कर के जो-जो भाग अभी तक राजनिष्ठ बचे हुए थे वे सारे