शस्त्रास्त्र, गोला-बारूद संग्रह कर रखा था। उस स्थान में अब करीब एक हजार यूरोपियनों और आठ सौ नेटिव सिपाही थे, जो बाहर इकट्ठा हो रहे विद्रोहियों का प्रतिकार करने के लिए सुसज्ज थे। चिनहट की लड़ाई हारने के बाद मच्छी भवन हाथ से छूटते ही अंगे्रजी योद्धाओं ने रेजिडेंसी पर लड़ने के लिए वहां उत्साह से जमाव किया है, यह देखते ही विद्रोहियांे ने उसे ही घेरना आरंभ किया।
इस तरह अवध प्रांत से अंगे्रजी सŸाा भागते-भागते अंत में इस छोटी सी रेजिडेंसी
शस्त्रास्त्र, गोला-बारूद संग्रह कर रखा था। उस स्थान में अब करीब एक हजार यूरोपियनों और आठ सौ नेटिव सिपाही थे, जो बाहर इकट्ठा हो रहे विद्रोहियों का प्रतिकार करने के लिए सुसज्ज थे। चिनहट की लड़ाई हारने के बाद मच्छी भवन हाथ से छूटते ही अंगे्रजी योद्धाओं ने रेजिडेंसी पर लड़ने के लिए वहां उत्साह से जमाव किया है, यह देखते ही विद्रोहियांे ने उसे ही घेरना आरंभ किया।
इस तरह अवध प्रांत से अंगे्रजी सŸाा भागते-भागते अंत में इस छोटी सी रेजिडेंसी