1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

अन्य सरदार और अहमदशाह के साथ सारे मुसलमान सरदार हाथों में हाथ थामें अंगे्रजी झंडे पर टूट पड़े। राजा हनुमंत सिंह शरण आए हुए अंगे्रजों को विद्रोहियों से बचाने में जितना बढ़-चढ़कर प्रयास कर रहा था उतनी ही प्रमुखता स ेअब स्वदेश-मुक्ति के लिए विद्रोहियों के साथ कंधा भिड़ाकर लड़ने लगा।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 217

प्रकरण-10

संकलन

दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, बरेली आदि मृतप्राय हुए राजसिंहासनों में फिर से स्वतंत्रता


1031 of 2102

अन्य सरदार और अहमदशाह के साथ सारे मुसलमान सरदार हाथों में हाथ थामें अंगे्रजी झंडे पर टूट पड़े। राजा हनुमंत सिंह शरण आए हुए अंगे्रजों को विद्रोहियों से बचाने में जितना बढ़-चढ़कर प्रयास कर रहा था उतनी ही प्रमुखता स ेअब स्वदेश-मुक्ति के लिए विद्रोहियों के साथ कंधा भिड़ाकर लड़ने लगा।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 217

प्रकरण-10

संकलन

दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, बरेली आदि मृतप्राय हुए राजसिंहासनों में फिर से स्वतंत्रता


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