जो अवसर वह चाहता था, मिल गया। यह 6 जुलाई का दिन था। आगरा विद्रोह कर उठा और उसकी अगुवाई का जिम्मा पुलिस ने लिया। ये सारे पुलिसवाले पहले ही गुप्त रूप से तैयार थे। उनका, नागरिकों का, धर्मनिष्ठ हिंदुओं और मुसलमानों का एक विशाल जुलूस निकला। शहर कोतवाल और पुलिस अधिकारी उस जुलूस के आगे-आगे चले, उन्होंने स्वधर्म और स्वराज्य की जय-जयकार करते हुए घोषणा की कि फिरंगी राज्य समाप्त हो गया है और दिल्ली का बादशाह हमारा राजा हो गया है।
जो अवसर वह चाहता था, मिल गया। यह 6 जुलाई का दिन था। आगरा विद्रोह कर उठा और उसकी अगुवाई का जिम्मा पुलिस ने लिया। ये सारे पुलिसवाले पहले ही गुप्त रूप से तैयार थे। उनका, नागरिकों का, धर्मनिष्ठ हिंदुओं और मुसलमानों का एक विशाल जुलूस निकला। शहर कोतवाल और पुलिस अधिकारी उस जुलूस के आगे-आगे चले, उन्होंने स्वधर्म और स्वराज्य की जय-जयकार करते हुए घोषणा की कि फिरंगी राज्य समाप्त हो गया है और दिल्ली का बादशाह हमारा राजा हो गया है।