1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

भाग रहे थे। शहर के बाहर का हर ईसाई घर खुला पड़ा था। आध दर्जन निश्चयी धर्मांध रहे होते तो शहर का तीन-चैथाई भाग जलाकर रख कर देते।’’

अंगे्रज सरकार की राजधानी में केवल एक बाजारू गप से इतनी ‘शांति और


1857 का स्वातंत्र्य समर - 223

निर्भरता’ व्याप्त हो गई। उस शांति-निर्भयता के उत्पादक बैरकपुर के सिपाहियों और कलकŸाा में रह रहे अवध के नवाब के वजीर अली नक्की खान का उच्चाटन करने के लिए सरकार ने कमर कसी।


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भाग रहे थे। शहर के बाहर का हर ईसाई घर खुला पड़ा था। आध दर्जन निश्चयी धर्मांध रहे होते तो शहर का तीन-चैथाई भाग जलाकर रख कर देते।’’

अंगे्रज सरकार की राजधानी में केवल एक बाजारू गप से इतनी ‘शांति और


1857 का स्वातंत्र्य समर - 223

निर्भरता’ व्याप्त हो गई। उस शांति-निर्भयता के उत्पादक बैरकपुर के सिपाहियों और कलकŸाा में रह रहे अवध के नवाब के वजीर अली नक्की खान का उच्चाटन करने के लिए सरकार ने कमर कसी।


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