14 जून की रात को बैरकपुर के सिपाही विद्रोह करेंगे, यह समाचार उन्हीं में से एक के द्वारा मिलने पर 14 जून को विद्रोह होने के पूर्व ही उनको तोपखाने के सामने लाकर निःशस्त्र किया गया और 15 जून को अवध के नवाब और उसके वजीर को तत्काल जाकर ‘राज्य की सुरक्षा’ के लिए पकड़ा गया । उनके जनानखाने से लेकर सारी जगहों की छानबीन की गई; पर उसमें कुछ भी सबूत नहीं मिला। फिर भी नवाब और उसके वजीर को कलकŸाा के किले में कैद
14 जून की रात को बैरकपुर के सिपाही विद्रोह करेंगे, यह समाचार उन्हीं में से एक के द्वारा मिलने पर 14 जून को विद्रोह होने के पूर्व ही उनको तोपखाने के सामने लाकर निःशस्त्र किया गया और 15 जून को अवध के नवाब और उसके वजीर को तत्काल जाकर ‘राज्य की सुरक्षा’ के लिए पकड़ा गया । उनके जनानखाने से लेकर सारी जगहों की छानबीन की गई; पर उसमें कुछ भी सबूत नहीं मिला। फिर भी नवाब और उसके वजीर को कलकŸाा के किले में कैद