कर दिया गया। इस तरह कलकŸाा शहर में जमा हो रहा बारूद का भंडार चिंगारी पड़ने से पहले ही खाली कर दिया गया।
बंगाल प्रदेश भर के सिपाहियों में क्रांति-रचना की गुप्त तैयारी करने वाला और कलकŸाा के एक निरूपद्रवी बाग में बैठकर अवध के राजसिंहासन को पुनः स्थापित करने के लिए इस विद्रोह का भयानक जाल बुननेवाले वजीर नक्की खान के किले में कैद होते ही बंगाल प्रांत की क्रांति का मानो सिर ही कट गया। किले में बंद होकर
कर दिया गया। इस तरह कलकŸाा शहर में जमा हो रहा बारूद का भंडार चिंगारी पड़ने से पहले ही खाली कर दिया गया।
बंगाल प्रदेश भर के सिपाहियों में क्रांति-रचना की गुप्त तैयारी करने वाला और कलकŸाा के एक निरूपद्रवी बाग में बैठकर अवध के राजसिंहासन को पुनः स्थापित करने के लिए इस विद्रोह का भयानक जाल बुननेवाले वजीर नक्की खान के किले में कैद होते ही बंगाल प्रांत की क्रांति का मानो सिर ही कट गया। किले में बंद होकर