कर दिया था। परंतु विदेशी आक्रमणकर्ताओं से स्वतंत्रता युद्ध चलाने के लिए लोगों ने उसको राजा चुना था। इसलिए हिंदू-मुसलमान जनता ने वास्तविक समझ से, पूरे मन और निष्ठा से 11 मई, 1857 के दिन अपनी मातृभूमि के बादशाही पद पर बहादुरशाह की मान-वंदना करने सब आगे आएं-ऐसी घोषणा की।
इस घोषणा के अनुसार पास और दूर के स्थानों से, अनेक रियासतों से, अनेक
1857 का स्वातंत्र्य समर - 236
सैनिक टोलियों से और हिंदुस्थान
कर दिया था। परंतु विदेशी आक्रमणकर्ताओं से स्वतंत्रता युद्ध चलाने के लिए लोगों ने उसको राजा चुना था। इसलिए हिंदू-मुसलमान जनता ने वास्तविक समझ से, पूरे मन और निष्ठा से 11 मई, 1857 के दिन अपनी मातृभूमि के बादशाही पद पर बहादुरशाह की मान-वंदना करने सब आगे आएं-ऐसी घोषणा की।
इस घोषणा के अनुसार पास और दूर के स्थानों से, अनेक रियासतों से, अनेक
1857 का स्वातंत्र्य समर - 236
सैनिक टोलियों से और हिंदुस्थान