1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

के प्रमुख शहरों-नगरों से दिल्ली के राजा के लिए नजराने (उपहार) आने लगे। पंजाब में अंगे्रजों के विरूद्ध विद्रोह करनेवाली नेटिव सिपाहियांे की पलटनें तथा अवध, नीमच, रूहेलखंड और दूसरी जगह के विद्रोही अपने-अपने झंडे और निशान लिये दिल्ली की ओर चलने लगे और क्रांति के नेता बहादुरशाह जहर के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करने लगे। अनेक सैनिक टोलियों ने दिल्ली की ओर आते समय रास्ते मंे जो अंगे्रजी खजाने लूटे थे, वह


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के प्रमुख शहरों-नगरों से दिल्ली के राजा के लिए नजराने (उपहार) आने लगे। पंजाब में अंगे्रजों के विरूद्ध विद्रोह करनेवाली नेटिव सिपाहियांे की पलटनें तथा अवध, नीमच, रूहेलखंड और दूसरी जगह के विद्रोही अपने-अपने झंडे और निशान लिये दिल्ली की ओर चलने लगे और क्रांति के नेता बहादुरशाह जहर के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करने लगे। अनेक सैनिक टोलियों ने दिल्ली की ओर आते समय रास्ते मंे जो अंगे्रजी खजाने लूटे थे, वह


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