यह कि सीधे हमला कर दिल्ली जीत भी ली तो भी उसकी रक्षा कैसे करें?
रास्ते-रास्ते और घर-घर विद्रोहियों की ओर से चलती गोलीबारी मंे से कितने सोल्जर बचे रहेंगे? इस संबंध में अपना पक्का विचार बर्नार्ड भी कह नहीं पर रहा था। इस सारी चर्चा के बाद हमले के संबंध में भिन्न मत होने में ही इस युद्ध परिषद् का एकमत हुआ। और इस तरह 12 जून को रात में आए स्वप्न की तरह 15 जून को भी आक्रमण की योजना त्यागकर ताŸिवक मत पक्का
यह कि सीधे हमला कर दिल्ली जीत भी ली तो भी उसकी रक्षा कैसे करें?
रास्ते-रास्ते और घर-घर विद्रोहियों की ओर से चलती गोलीबारी मंे से कितने सोल्जर बचे रहेंगे? इस संबंध में अपना पक्का विचार बर्नार्ड भी कह नहीं पर रहा था। इस सारी चर्चा के बाद हमले के संबंध में भिन्न मत होने में ही इस युद्ध परिषद् का एकमत हुआ। और इस तरह 12 जून को रात में आए स्वप्न की तरह 15 जून को भी आक्रमण की योजना त्यागकर ताŸिवक मत पक्का