1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

इसलिए स्वयं रीड ने इस्तीफा दिया, अधिकार-त्याग किया और हिमालय की टेकरियांें में जाकर वहां रहने लगा। अंगे्रजी सेना का यह तीसरा सेनापति था। दो को भूमि में गाड़ा गया और तीसरे ने अपना अधिकार छोड़कर अपने प्राण बचाए। इतना हुआ तब भी दिल्ली अजित ही बनी रही। क्वार्टर मास्टर जनरल बेचर एवं अॅडज्यूटंट जनरल चेंबरलेन अपने शिविर में ही पड़े मृत्यु के पल गिन रहे थे तब भी दिल्ली जीत न सके। इतना ही नहीं, क्रांतिकारियों


1190 of 2102

इसलिए स्वयं रीड ने इस्तीफा दिया, अधिकार-त्याग किया और हिमालय की टेकरियांें में जाकर वहां रहने लगा। अंगे्रजी सेना का यह तीसरा सेनापति था। दो को भूमि में गाड़ा गया और तीसरे ने अपना अधिकार छोड़कर अपने प्राण बचाए। इतना हुआ तब भी दिल्ली अजित ही बनी रही। क्वार्टर मास्टर जनरल बेचर एवं अॅडज्यूटंट जनरल चेंबरलेन अपने शिविर में ही पड़े मृत्यु के पल गिन रहे थे तब भी दिल्ली जीत न सके। इतना ही नहीं, क्रांतिकारियों


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