की ओर से होनेवाले निरंतर और त्रासदायक हमलों से कैसे बचा जाए, यह प्रश्न अंगे्रजों को सता रहा था; क्योंकि क्रांतिकारियों की संख्या इस समय 20 हजार तक हो गई थी। क्रांतिकारियों द्वारा किए जानेवाले हर हमले में उनका काफी मनुष्य-बल खर्च हो जाता था, फिर भी उसका अंगे्रजों को कोई लाभ नहीं था। पर उनके मुट्ठी भर सैनिक मर जाने से अंगे्रजों का संख्या-बल घटता जा रहा था। इसलिए अंगे्रजों ने अब सुरक्षात्मक नीति अपनाई।
की ओर से होनेवाले निरंतर और त्रासदायक हमलों से कैसे बचा जाए, यह प्रश्न अंगे्रजों को सता रहा था; क्योंकि क्रांतिकारियों की संख्या इस समय 20 हजार तक हो गई थी। क्रांतिकारियों द्वारा किए जानेवाले हर हमले में उनका काफी मनुष्य-बल खर्च हो जाता था, फिर भी उसका अंगे्रजों को कोई लाभ नहीं था। पर उनके मुट्ठी भर सैनिक मर जाने से अंगे्रजों का संख्या-बल घटता जा रहा था। इसलिए अंगे्रजों ने अब सुरक्षात्मक नीति अपनाई।