आक्रमण में होनेवाली मृत्यु से क्रांतिकारियों की शक्ति विशेष दुर्बल नहीं होती थी और उनके आक्रमणों में भी बाधा नहीं आती थी, उलटे वे अधिक निश्चयी और निर्भय होकर अभिमानपूर्वक कहने लगे कि ‘‘अंगे्रजों की विजय का मूल्य पराभव जितना ही है।’’
सारे हिंदुस्थान मंे फैले हुए अंगे्रज भी टीका करने लगे, शिकायतें करने लगे और स्पष्टता से लिखने लगे-‘‘घेरा डालनेवाले ही घेरे में फंस गए हैं।’’ और ऐसी स्थिति में जब तीसरा सेनापति निवृŸा हुआ तब ग्रेट हेड,
आक्रमण में होनेवाली मृत्यु से क्रांतिकारियों की शक्ति विशेष दुर्बल नहीं होती थी और उनके आक्रमणों में भी बाधा नहीं आती थी, उलटे वे अधिक निश्चयी और निर्भय होकर अभिमानपूर्वक कहने लगे कि ‘‘अंगे्रजों की विजय का मूल्य पराभव जितना ही है।’’
सारे हिंदुस्थान मंे फैले हुए अंगे्रज भी टीका करने लगे, शिकायतें करने लगे और स्पष्टता से लिखने लगे-‘‘घेरा डालनेवाले ही घेरे में फंस गए हैं।’’ और ऐसी स्थिति में जब तीसरा सेनापति निवृŸा हुआ तब ग्रेट हेड,