असमर्थ हुई विद्रोहियों की सेना बाएं बाजू की तोपें छोड़ भाग खड़ी हुई। बायां बाजू इस तरह पिटते ही अंग्रेजों के पैदलों ने विद्रोहियांे के दाएं बाजू को भी पराभूत कर दिया। अंगे्रजी सेना विजयी हुई, यह देखते ही विद्रोही कानपुर के रास्ते पीछे हटने लगे। परंतु अब निराशा का अवसाद भरा होने के कारण फिर से एक बार नाना ने उन्हें इकट्ठा किया और आरक्षित रखी तोपों की सहायता से फिर से युद्ध करने का प्रयास किया। इस समय
असमर्थ हुई विद्रोहियों की सेना बाएं बाजू की तोपें छोड़ भाग खड़ी हुई। बायां बाजू इस तरह पिटते ही अंग्रेजों के पैदलों ने विद्रोहियांे के दाएं बाजू को भी पराभूत कर दिया। अंगे्रजी सेना विजयी हुई, यह देखते ही विद्रोही कानपुर के रास्ते पीछे हटने लगे। परंतु अब निराशा का अवसाद भरा होने के कारण फिर से एक बार नाना ने उन्हें इकट्ठा किया और आरक्षित रखी तोपों की सहायता से फिर से युद्ध करने का प्रयास किया। इस समय