हुए? इनको अंगे्रजी सेना में नौकरी करनी नहीं थी या घर बैठे भी वह फौजी कारतूस तो तोड़ने ही होंगे, ऐसा आदेश भी किसी ने उन्हें नहीं दिया था। यदि यह विद्रोह केवल या मुख्य रूप से कारतूसों की चरबी से ही हुआ था तो हिंदुस्तान के अंगे्रज गवर्नर द्वारा उसे उपयोग में न लाने का आदेश देते ही उसे तुरंत ठंडा हो
1857 का स्वातंत्र्य समर - 36
जाना चाहिए था। पर सिपाही अपने हाथ से अपने कारतूस बना लें, ऐसी अनुमति मिलने
हुए? इनको अंगे्रजी सेना में नौकरी करनी नहीं थी या घर बैठे भी वह फौजी कारतूस तो तोड़ने ही होंगे, ऐसा आदेश भी किसी ने उन्हें नहीं दिया था। यदि यह विद्रोह केवल या मुख्य रूप से कारतूसों की चरबी से ही हुआ था तो हिंदुस्तान के अंगे्रज गवर्नर द्वारा उसे उपयोग में न लाने का आदेश देते ही उसे तुरंत ठंडा हो
1857 का स्वातंत्र्य समर - 36
जाना चाहिए था। पर सिपाही अपने हाथ से अपने कारतूस बना लें, ऐसी अनुमति मिलने