देखने जमा दर्शकों ने अपने दर्शकीय अधिकारों का उल्लघंन करके पक्षपात करना शुरू किया। आसपास के गांववालों ने यह देखते ही कि अपने स्वदेश बंधु पर यह फिरंगी आदमी टूटा पड़ रहा है, उसे त्रास देना शुरू किया। उसकी राह बदल दी और उसक टट्टू भी कोई भगा ले गया। श्रम और निराशा से ग्रस्त वह अंगे्रज अधिकारी अपने नेटिव सहायकों को चतुर करीम का पीछा करने का काम सौंपकर दूसरे दिन हाथ हिलाता लौट आया। उसका नेटिव सहायक भी फिरंगियों का कट्टर द्वेषी था, अतः उसने
देखने जमा दर्शकों ने अपने दर्शकीय अधिकारों का उल्लघंन करके पक्षपात करना शुरू किया। आसपास के गांववालों ने यह देखते ही कि अपने स्वदेश बंधु पर यह फिरंगी आदमी टूटा पड़ रहा है, उसे त्रास देना शुरू किया। उसकी राह बदल दी और उसक टट्टू भी कोई भगा ले गया। श्रम और निराशा से ग्रस्त वह अंगे्रज अधिकारी अपने नेटिव सहायकों को चतुर करीम का पीछा करने का काम सौंपकर दूसरे दिन हाथ हिलाता लौट आया। उसका नेटिव सहायक भी फिरंगियों का कट्टर द्वेषी था, अतः उसने