राज्य क्रांति के नेताओं को इस तरह रक्त की एक बंूद भी बहाए बिना पकड़ते ही टेलर ने नागरिकों को निःशस्त्र करने और रात के नौ बजे के बाद घर से बाहर न निकलने का आदेश जारी किया, ताकि इस आकस्मिक आघात से चकित पटना शहर को उसकी चोटें असह्य होने और धीरज समाप्त होने के पूर्व ही चुप किया जा सके। इस आदेश से क्रांति पक्ष की रातों की गुप्त बैठकें असंभव हो गई। शस्त्र संचय भी बंद हो गया। इस समय तक पटना की क्रांति समिति
राज्य क्रांति के नेताओं को इस तरह रक्त की एक बंूद भी बहाए बिना पकड़ते ही टेलर ने नागरिकों को निःशस्त्र करने और रात के नौ बजे के बाद घर से बाहर न निकलने का आदेश जारी किया, ताकि इस आकस्मिक आघात से चकित पटना शहर को उसकी चोटें असह्य होने और धीरज समाप्त होने के पूर्व ही चुप किया जा सके। इस आदेश से क्रांति पक्ष की रातों की गुप्त बैठकें असंभव हो गई। शस्त्र संचय भी बंद हो गया। इस समय तक पटना की क्रांति समिति