‘‘जीवन में कुछ अवसर ऐसे होते हैं जब अपनी रक्षा करना इष्ट होता है, पर कुछ ऐसे होतेे हैं जो चिरंजीवी होने का उŸाम साधन है तत्काल मृत्यु।’’ फिर अंग्रेजों द्वारा किए जानेवाले अन्याय व अत्याचारों की बिना
1857 का स्वातंत्र्य समर - 263
डरे निंदा करते हुए वह लोक उपकार के लिए आत्मार्पण करनेवाला शहीद बोला, ‘‘मुझे आप फांसी पर चढ़ाएंगे, मेरे जैसे अन्य लोगों को फांसी पर चढ़ाएंगे, पर आप हमारे ध्येय को फांसी पर
‘‘जीवन में कुछ अवसर ऐसे होते हैं जब अपनी रक्षा करना इष्ट होता है, पर कुछ ऐसे होतेे हैं जो चिरंजीवी होने का उŸाम साधन है तत्काल मृत्यु।’’ फिर अंग्रेजों द्वारा किए जानेवाले अन्याय व अत्याचारों की बिना
1857 का स्वातंत्र्य समर - 263
डरे निंदा करते हुए वह लोक उपकार के लिए आत्मार्पण करनेवाला शहीद बोला, ‘‘मुझे आप फांसी पर चढ़ाएंगे, मेरे जैसे अन्य लोगों को फांसी पर चढ़ाएंगे, पर आप हमारे ध्येय को फांसी पर