1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

नहीं चढ़ा सकते। मैं मरा तो मेरे रक्त से हजारों नए कार्यकर्ता उत्पन्न होंगे और आपके शासन का उच्छेद करेंगे।’’

ऐसी भविष्यवाणी कर यह देशवीर अपने अस्तित्व से स्वदेश पर जरा भी लज्जा की छाया न डालते हुए अपनी मृत्यु से स्वदेश के देशवीर मंडल की तेजोमय सूची में प्रतिष्ठा पा गया।

‘मेरे रक्त से हजारों नवीन कार्यकर्ता उत्पन्न होंगे’, ऐसा उस शहीद का जो अंतिम वर्णोच्चार था वह असत्य होनेवाला नहीं था, वह असत्य हुआ


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नहीं चढ़ा सकते। मैं मरा तो मेरे रक्त से हजारों नए कार्यकर्ता उत्पन्न होंगे और आपके शासन का उच्छेद करेंगे।’’

ऐसी भविष्यवाणी कर यह देशवीर अपने अस्तित्व से स्वदेश पर जरा भी लज्जा की छाया न डालते हुए अपनी मृत्यु से स्वदेश के देशवीर मंडल की तेजोमय सूची में प्रतिष्ठा पा गया।

‘मेरे रक्त से हजारों नवीन कार्यकर्ता उत्पन्न होंगे’, ऐसा उस शहीद का जो अंतिम वर्णोच्चार था वह असत्य होनेवाला नहीं था, वह असत्य हुआ


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