1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

न हुई। यद्यपि अंगे्रज मेजर जनरल अपने बुढ़ापे के काारण पंगु हो गया था, तब भी जिस दिशा को वे नेटिव रेजिमेंट जा रही थीं उस दिशा मंे जिसकी तलवार और भुजदंडों में अभी भी तरूणाई का तेज हिलोंरे मार रहा है- ऐसा एक अप्रतिम वृद्ध युवा अपने बुढ़ापे की परवाह न करते हुए जगदीशपुर के राजमहल में मूंछों पर ताव देते खड़ा था और उसी के ध्वज की ओर ये सिपाही दौड़े जा रहे थे।

अंगे्रजों के शासन का जुआ उतार फेंकने के बाद जिस


1267 of 2102

न हुई। यद्यपि अंगे्रज मेजर जनरल अपने बुढ़ापे के काारण पंगु हो गया था, तब भी जिस दिशा को वे नेटिव रेजिमेंट जा रही थीं उस दिशा मंे जिसकी तलवार और भुजदंडों में अभी भी तरूणाई का तेज हिलोंरे मार रहा है- ऐसा एक अप्रतिम वृद्ध युवा अपने बुढ़ापे की परवाह न करते हुए जगदीशपुर के राजमहल में मूंछों पर ताव देते खड़ा था और उसी के ध्वज की ओर ये सिपाही दौड़े जा रहे थे।

अंगे्रजों के शासन का जुआ उतार फेंकने के बाद जिस


1267 of 2102