1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

लेकर उस अंगे्रजी सेना पर टूट पड़ा। आया ं ंकुंवर सिंह आया। अस्सी वर्ष का योद्धा और तू एकदम जवान। चलो देखें, कौन हटता है। अंगे्रजी सेना ने लड़ने में पूरा जोर लगाया, पर लड़े किससे? शत्रु पक्ष का एक भी सिपाही दिखे नहीं। उस घनी अमराई में; मध्य रात के उस घने अंधियारे में उस ऊंचे नीचे प्रदेश के घूम-घूमाव में छिपकर बैठा कुंवर सिंह की सेना का एक आदमी भी अंगे्रजी सेना को नहीं दिखता था। आकाश के तारे और जमीन के वृक्ष,


1290 of 2102

लेकर उस अंगे्रजी सेना पर टूट पड़ा। आया ं ंकुंवर सिंह आया। अस्सी वर्ष का योद्धा और तू एकदम जवान। चलो देखें, कौन हटता है। अंगे्रजी सेना ने लड़ने में पूरा जोर लगाया, पर लड़े किससे? शत्रु पक्ष का एक भी सिपाही दिखे नहीं। उस घनी अमराई में; मध्य रात के उस घने अंधियारे में उस ऊंचे नीचे प्रदेश के घूम-घूमाव में छिपकर बैठा कुंवर सिंह की सेना का एक आदमी भी अंगे्रजी सेना को नहीं दिखता था। आकाश के तारे और जमीन के वृक्ष,


1290 of 2102