इसके सिवाय कुछ दिखे नहीं और इन दोनोें पर गोलियां चलाकर उन्हें जीतना संभव न हो। वायु देवता ने कुपित होकर अपने झंझावत से लाल-लाल गोलियों की आंधी फुफकारते हुए चलाई हा, ऐसे इस अंगे्रजी सेना पर किसी अदेहधारी देवता की मार पड़ने लगी। बाईं ओर से मार, दाईं ओर से मार, पीछे से मार!
1857 का स्वातंत्र्य समर - 268
अंगे्रजों की वरदी सफेद रंग की होने से वह कुंवर सिंह को दिखाई देती थी। पंरतु कुंवर सिंह के लोग काले,
इसके सिवाय कुछ दिखे नहीं और इन दोनोें पर गोलियां चलाकर उन्हें जीतना संभव न हो। वायु देवता ने कुपित होकर अपने झंझावत से लाल-लाल गोलियों की आंधी फुफकारते हुए चलाई हा, ऐसे इस अंगे्रजी सेना पर किसी अदेहधारी देवता की मार पड़ने लगी। बाईं ओर से मार, दाईं ओर से मार, पीछे से मार!
1857 का स्वातंत्र्य समर - 268
अंगे्रजों की वरदी सफेद रंग की होने से वह कुंवर सिंह को दिखाई देती थी। पंरतु कुंवर सिंह के लोग काले,