1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

को बीबीगंज गांव के पास लड़ाई की टक्कर ली। सामने की एक झाड़ी की ओर ये दोनों उसे अपने कब्जे मंे लेने के लिए दौड़ रही थीं। उस वृद्ध और युवा की भयंकर स्पर्धा में वृद्ध कुंवर सिंह ही उस झाड़ी पर पहले कब्जा करने में सफल रहा। और वहां आते ही उसने आयर पर जोरदार मार चालू की। आयर के पास तीन उŸाम तोपें और उनके सहारे से वह आगे बढ़ रहा था। कुंवर सिंह के सिपाही उसपर तीन बार टूटे। तीनों ही बार उन अग्निवर्षा तोपों के मंुह तक उनके हल्ले पहुंचे,


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को बीबीगंज गांव के पास लड़ाई की टक्कर ली। सामने की एक झाड़ी की ओर ये दोनों उसे अपने कब्जे मंे लेने के लिए दौड़ रही थीं। उस वृद्ध और युवा की भयंकर स्पर्धा में वृद्ध कुंवर सिंह ही उस झाड़ी पर पहले कब्जा करने में सफल रहा। और वहां आते ही उसने आयर पर जोरदार मार चालू की। आयर के पास तीन उŸाम तोपें और उनके सहारे से वह आगे बढ़ रहा था। कुंवर सिंह के सिपाही उसपर तीन बार टूटे। तीनों ही बार उन अग्निवर्षा तोपों के मंुह तक उनके हल्ले पहुंचे,


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