1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

पर अंगे्रज तोपों की मार अखंड चलती रही। इसी समय कैप्टन हेस्टिंग नामक अंगे्रजी योद्धा आयर के पास हांफते हुए आया है।’’ यह उग्र स्थिति और आधा घंटा बनी रहती तो कुंवर सिंह वह लड़ाई जीत जाता। अब कुद भी करें तो भी विजय हाथ से जा रही है तो क्यों न एक बार साहस की परीक्षा कर ली जाए। तुरंत अंगे्रजी सेना बैनेट साधकर विद्रोहियों पर तीर की तरह टूट पड़ी। तोपों में मंुह पर भी जो सिपाही टूटने में डगमगाते नहीं थे वे विद्रोही


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पर अंगे्रज तोपों की मार अखंड चलती रही। इसी समय कैप्टन हेस्टिंग नामक अंगे्रजी योद्धा आयर के पास हांफते हुए आया है।’’ यह उग्र स्थिति और आधा घंटा बनी रहती तो कुंवर सिंह वह लड़ाई जीत जाता। अब कुद भी करें तो भी विजय हाथ से जा रही है तो क्यों न एक बार साहस की परीक्षा कर ली जाए। तुरंत अंगे्रजी सेना बैनेट साधकर विद्रोहियों पर तीर की तरह टूट पड़ी। तोपों में मंुह पर भी जो सिपाही टूटने में डगमगाते नहीं थे वे विद्रोही


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