अनुयायियों में जोड़-तोड़ और साहस की कमी के कारण आयर से पराजित होते ही कुंवर सिंह जगदीशपुर की ओर निकल गया। अंगे्रजी को आरा की सेना और अन्य नई कुमुक मिलने से वह सेना फूलती जा रही है, यह ज्ञात होने पर कुंवर सिंह ने जगदीशपुर के पास यथासंभव लोगों को इकट्ठा करना चालू किया। अंगे्रजी सेना को कुंवर सिंह के कर्तव्य की थोड़ी सी पहचान हो जाने से कदाचित् वह फिर से आरा के घेरा टूट जाने पर जिनका उत्साह भंग हुआ है ऐसे अनुयायियों के साथ अंगे्रजों जैसे अनुशासित,
अनुयायियों में जोड़-तोड़ और साहस की कमी के कारण आयर से पराजित होते ही कुंवर सिंह जगदीशपुर की ओर निकल गया। अंगे्रजी को आरा की सेना और अन्य नई कुमुक मिलने से वह सेना फूलती जा रही है, यह ज्ञात होने पर कुंवर सिंह ने जगदीशपुर के पास यथासंभव लोगों को इकट्ठा करना चालू किया। अंगे्रजी सेना को कुंवर सिंह के कर्तव्य की थोड़ी सी पहचान हो जाने से कदाचित् वह फिर से आरा के घेरा टूट जाने पर जिनका उत्साह भंग हुआ है ऐसे अनुयायियों के साथ अंगे्रजों जैसे अनुशासित,