यह निश्चित किया। पर वह प्रतिनिधिमंडल भी जब निष्फल हो गया तब उस उदार और देशाभिमानी बादशाह ने अपने कारण यदि राज्य क्रांति का नाश हो रहा हो और अपने कारण कर्ता लोग अंगे्रजों की ओर जा रहे हों तो अपना शासन भी छोड़ देने को मैं तैयार हूं, इसकी घोषणा की। हिंदुस्थान अंगे्रजों के अधीन रहने की अपेक्षा, हिंदुस्थान में विदेशियों का भ्रमण चालू रहने की अपेक्षा तथा हिंदुस्थान किसी तरह की राजनीतिक गुलामी में सड़ते रहने की अपेक्षा,
यह निश्चित किया। पर वह प्रतिनिधिमंडल भी जब निष्फल हो गया तब उस उदार और देशाभिमानी बादशाह ने अपने कारण यदि राज्य क्रांति का नाश हो रहा हो और अपने कारण कर्ता लोग अंगे्रजों की ओर जा रहे हों तो अपना शासन भी छोड़ देने को मैं तैयार हूं, इसकी घोषणा की। हिंदुस्थान अंगे्रजों के अधीन रहने की अपेक्षा, हिंदुस्थान में विदेशियों का भ्रमण चालू रहने की अपेक्षा तथा हिंदुस्थान किसी तरह की राजनीतिक गुलामी में सड़ते रहने की अपेक्षा,