1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

उत्पन्न होने के कारण इस दास्य श्रंखला पर जो प्रचंड आघात किए गए उन्हीं में इस क्रांतियुद्ध की जड़ें हैं। सवधर्म-प्रीति एवं स्वराज्य-प्रीति के तत्त्व हिंदुस्थान के इतिहास में जितनी स्पष्टता से


1857 का स्वातंत्र्य समर - 38

एवं उदात्तता से दिखते हैं उससे अधिक वे किस इतिहास में मिलनेवाले हैं? विदेशी और स्वार्थी इतिहासकारों ने इस दिव्य हिंद का चित्र कितने ही गंदे रंगों से भरा हो, फिर भी जब हमारे इतिहास


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उत्पन्न होने के कारण इस दास्य श्रंखला पर जो प्रचंड आघात किए गए उन्हीं में इस क्रांतियुद्ध की जड़ें हैं। सवधर्म-प्रीति एवं स्वराज्य-प्रीति के तत्त्व हिंदुस्थान के इतिहास में जितनी स्पष्टता से


1857 का स्वातंत्र्य समर - 38

एवं उदात्तता से दिखते हैं उससे अधिक वे किस इतिहास में मिलनेवाले हैं? विदेशी और स्वार्थी इतिहासकारों ने इस दिव्य हिंद का चित्र कितने ही गंदे रंगों से भरा हो, फिर भी जब हमारे इतिहास


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