समर को अपयश से बचाने हेतु जहां संभव हुआ वे अपने पहले के अधिकार छोड़ देने के लिए भी तैयार हो गए, इसके लिखित साक्ष्य प्रकाशित हैं।
यहां तक राज्य व्यवस्था का पूर्वार्ध सराहनीय उदाŸाता से सन् 1857 ने पूरा किया। परंतु राज्य व्यवस्था में अत्यंत प्रमुख भाग सैन्य शक्ति-संपन्न लोगों का होने के कारण पर-राज्य बंधन तोड़ते ही उन्हें किसी तरह के बंधन स्वीकार्य न हुए और राज्य क्रांति की इस भीड़ में उनका सारा अनुशासन
समर को अपयश से बचाने हेतु जहां संभव हुआ वे अपने पहले के अधिकार छोड़ देने के लिए भी तैयार हो गए, इसके लिखित साक्ष्य प्रकाशित हैं।
यहां तक राज्य व्यवस्था का पूर्वार्ध सराहनीय उदाŸाता से सन् 1857 ने पूरा किया। परंतु राज्य व्यवस्था में अत्यंत प्रमुख भाग सैन्य शक्ति-संपन्न लोगों का होने के कारण पर-राज्य बंधन तोड़ते ही उन्हें किसी तरह के बंधन स्वीकार्य न हुए और राज्य क्रांति की इस भीड़ में उनका सारा अनुशासन