की सहायता भी की थी। हाथी समान व्यक्ति के मदमलिन मस्तक पर राष्ट्रीयता का यह तीक्ष्ण अंकुश जहां गड़ा रहता है उसी समाज में श्री, धी, धृति, कीर्ति, स्वतंत्रता वास करती है।
कानपुर शहर में आते ही हैवलाॅक को पहला समाचार यह ज्ञात हुआ कि नाना साहब की सेना ने ब्रह्यवर्त शहर पर फिर से कब्जा कर लिया है। कानपुर शहर की अंगे्रजी सेना के कंधे से कंधा भिड़ाकर विद्रोहियों द्वारा दी गई यह भयंकर शह देखते ही हैवलाॅक सेना
की सहायता भी की थी। हाथी समान व्यक्ति के मदमलिन मस्तक पर राष्ट्रीयता का यह तीक्ष्ण अंकुश जहां गड़ा रहता है उसी समाज में श्री, धी, धृति, कीर्ति, स्वतंत्रता वास करती है।
कानपुर शहर में आते ही हैवलाॅक को पहला समाचार यह ज्ञात हुआ कि नाना साहब की सेना ने ब्रह्यवर्त शहर पर फिर से कब्जा कर लिया है। कानपुर शहर की अंगे्रजी सेना के कंधे से कंधा भिड़ाकर विद्रोहियों द्वारा दी गई यह भयंकर शह देखते ही हैवलाॅक सेना